इतिहास

भारत के वायसराय की सूची एवं उनके कार्य PDF Download in Hindi

भारत के वायसराय की सूची एवं उनके कार्य PDF Download in Hindi
भारत के वायसराय की सूची एवं उनके कार्य PDF Download in Hindi

भारत के वायसराय की सूची एवं उनके कार्य PDF Download in Hindi

भारत के वायसराय की सूची एवं उनके कार्य PDF Download in Hindi: Hello Friends आज के इस Article में हम आपके लिए ले कर आए हैं “भारत के वायसराय की सूची एवं उनके कार्य PDF” की एक List जिसमें आपको भारत के वायसराय की सम्पूर्ण जानकारी मिल सकती है। इस List को आप Online Read करने के लिए निचे दिए गए Live Preview के Box पर जा सकते हैं और Download करने के लिए निचे दिए गए PDF Download के Button पर Click कर सकते हैं।

 

भारत के वायसराय

वायसराय

कार्यकाल

महत्वपूर्ण कार्य

  • लॉर्ड कैनिंग 

1856-1862

लॉर्ड कैनिंग भारत में कम्पनी द्वारा नियुक्त अन्तिम गवर्नर जनरल तथा ब्रिटिश सम्राट के अंतर्गत नियुक्त भारत के प्रथम वायसराय थे।
इनके समय में ही 1857 का विद्रोह हुआ।
आर्थिक सुधारों के अन्तर्गत कैनिंग ने ब्रिटिश अर्थशास्त्री विल्सन को भारत बुलाया था 500 रु.से अधिक आय पर आयकर लगा दिया।
न्यायिक सुधारों के अंतर्गत कैनिंग ने इण्डियन हाई कोर्ट एक्ट (1861) द्वारा बम्बई, कलकत्ता, मद्रास में एक-एक उच्च की
न्यायालय की स्थापना हुई।
कलकत्ता, बम्बई व मद्रास विश्वविद्यालयों की स्थापना लंदन विश्वविद्यालय की तर्ज पर 1857 को हुआ।
1861 का भारतीय परिषद् अधिनियम कैनिंग के समय में स्वीकृत हुआ। विधवा पुनर्विवाह एक्ट 1856 इन्हीं के समय लागू। भारतीय
दंड संहिता (IPC-Indian Penal Code) की स्थापना 1861 में हुई।

  • लॉर्ड एल्गिन

1862-1863

1862 को कैनिंग के बाद एल्गिन भारत का वायसराय बनकर आया। इसकी महत्वपूर्ण सफलता वहाबी आन्दोलन का दमन। 1863 में इनकी मृत्यु पंजाब (भारत) में ही हुई।

  • सर जॉन लॉरेंस

1863-1869

एल्गिन के बाद 1863 में जॉन लॉरेन्स भारत का वायसराय बन कर आया, जिसके समय में भूटान का युद्ध हुआ।
अफगानिस्तान के सन्दर्भ में लॉरेन्स ने अहस्तक्षेप की नीति का पालन किया और तत्कालीन शासन शेर अली से मित्रता की थी। इस काल में भारत का एक बहुत बड़ा भाग अकाल के प्रभाव में था। लॉरेन्स ने अकाल आयोग का गठन किया तथा भारतीय वन विभाग की भी स्थापना की।
उच्चतम निष्क्रियता की नीति का संबंध सर जॉन लारेंस से है।
1865 में उसके द्वारा भारत व यूरोप के बीच प्रथम समुद्री टेलीग्राफ सेवा शुरू की गयी। बंबई, कलकत्ता व मद्रास में हाईकोर्ट की स्थापना।

  • लॉर्ड मेयो

1869-1872

मेयो ने भारत में वित्तीय विकेन्द्रीकरण की नीति का शुरूआत किया तथा आयकर की दर को 1% से बढ़ाकर 2.5% कर दिया। उसने पृथक् ‘कृषि विभाग (1872) तथा भारतीय सांख्यिकी सर्वेक्षण विभाग’ की स्थापना की।
प्रथम बार भारत में जनगणना (1872) में इसी के काल में हुई। मेयो ने भारतीय राजाओं के पुत्रों की उचित शिक्षा के लिये अजमेर में मेयो कॉलेज की स्थापना किया। पंजाब में कूका विद्रोह 1872 इसी के समय हुआ था।

  • लॉर्ड नार्थ ब्रुक

1872-1876

इस समय में बिहार-बंगाल में भयानक अकाल पड़ा तथा बड़ौदा के मल्हाराव गायकवाड़ को भ्रष्टाचार के आरोप में पदच्युत कर मद्रास भेज दिया गया। इसी के समय स्वेज नहर खुल जाने के कारण ब्रिटेन व भारत के मध्य व्यापार में वृद्धि हुई।
इनके समय प्रिंस ऑफ वेल्स 1875 (किंग एडवर्ड-VII) भारत आये। 1875 को अलीगढ़ में मोहम्मड़न एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना हुई। 

  • लॉर्ड लिटन

1876-1880

लॉर्ड लिटन एक सुप्रसिद्ध उपन्यासकार, निबन्ध लेखक एवं साहित्यकार था। साहित्यकारों में उसे ‘ओवन मौरिडिथ के नाम
से जाना जाता था। महारानी विक्टोरिया को कैसर-ए-हिंद की उपाधि 1877 को दिल्ली दरबार में दिया गया।
अफगानिस्तान के प्रति अग्रगामी (फारवर्ड) नीति का अनुपालन लिटन के कार्यकाल में प्रारंभ हुआ था।
1876-78 में इनके समय में बम्बई, मद्रास, हैदराबाद, पंजाब मध्य भारत में भयानक अकाल पड़ा जिसमें 50 लाख से अधिक
व्यक्ति मारे गये। लिटन ने अकाल की जाँच हेतु रिचर्ड स्ट्रेची की अध्यक्षता में एक अकाल आयोग 1878 को स्थापना हुआ।
वर्नाकुलर प्रेस एक्ट 1878 को पारित हुआ।

  • लॉर्ड रिपन

1880-1884

अपने सुधार कार्यों के अन्तर्गत रिपन ने सर्वप्रथम 1882 में वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट समाप्त कर दिया। इनके सुधार कार्यों में स्थानीय स्वशासन महत्वपूर्ण था।
रिपन के समय में ही 1881 में भारत में नियमित जनगणना की शुरूआत हुई जो तभी से लेकर अब तक प्रत्येक 12 वर्ष के अन्तराल पर की जाती है।
प्रथम फैक्ट्री अधिनियम, 1881 रिपन द्वारा ही लाया गया। इसमें बाल-श्रम पर रोक लगायी गई।
रिपन ने शैक्षिक सुधारों के अन्तर्गत विलियम हण्टर के नेतृत्व में एक आयोग का गठन किया। आयोग ने 1882 को अपनी रिपोर्ट
प्रस्तुत किया था।

  • लॉर्ड डफरिन

1884-1888

लॉर्ड डफरिन के शासनकाल की महत्वपूर्ण घटना थी तृतीय आंग्ल-बर्मा युद्ध (188586) जिसमें बर्मा पराजित हुआ।
डफरिन के समय में ही ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई थी।

  • लॉर्ड लैंसडाउन

1888-1894

लॉर्ड लैंसडाउन के समय भारत व अफगानिस्तान के मध्य सीमा (वर्तमान में पाकिस्तान व अफगानिस्तान) का निर्धारण हुआ, जिसे डूरंड रेखा के नाम से जाना जाता है।
मणिपुर में हुए विद्रोह को शान्त करने का श्रेय लैंसडाउन को दिया जाता है।
लैंसडाउन के समय 1891 में दूसरा फैक्ट्री एक्ट लाया गया जिसमें 1 साप्ताहिक छुट्टी तथा स्त्रियों द्वारा 11 घण्टे प्रतिदिन से अधिक काम करने पर प्रतिबन्ध लगाया गया।
इनके समय में ही 1892 में इण्डियन काउंसिल एक्ट पास किया गया जिसमें 1861 के अधिनियम के प्रावधानों को थोड़ा और व्यापक बनाया गया। तिलक द्वारा गणपति उत्सव (1893) की शुरुआत हुई।

  • लॉर्ड एल्गिन- II

1894-1899

लॉर्ड एल्गिन-II के शासनकाल में 1895 से 1898 तक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा पंजाब में भयंकर अकाल पड़ा। उसने एक अकाल आयोग ‘लॉयल आयोग की नियुक्ति हुई।
मुण्डा विद्रोह (1899) स्वामी विवेकानंद द्वारा बेलूर में रामकृष्ण मिशन व मठ की स्थापना।
चापेकर बंधुओं द्वारा दो अंग्रेज अधिकारियों की हत्या (1897) तिलक द्वारा शिवाजी उत्सव 1895 को हुआ। 

  • लॉर्ड कर्जन

1899-1905

प्राचीन स्मारक संरक्षण एक्ट 1904 स्वीकृत हुआ।
पुलिस सुधार के अन्तर्गत कर्जन ने 1902 में सर एण्ड्रयू फ्रेजर की अध्यक्षता में एक पुलिस आयोग की स्थापना हुई। 1903 में पुलिस विभाग अतंर्गत अपराध अन्वेषण विभाग (Criminal Investigation Department-CID) की स्थापना हुई।
1905 में बंगाल का विभाजन हुआ।
रेलवे बोर्ड (1905) का गठन। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की स्थापना 1901 में हुई।

  • लॉर्ड मिंटो- II

1905-1910

मिंटो के समय मे ही आगा खाँ द्वारा 1906 को ‘मुस्लिम लीगकी स्थापना ढाका में हुआ। 1906 में ही कलकत्ता अधिवेशन में कांग्रेस का लक्ष्य स्वराज्य घोषित हुआ।
इनके समय में ही 1907 में कांग्रेस का सूरत अधिवेशन हुआ जिससे कांग्रेस 2 वर्गों में विभाजित हो गया 1907 में कर्नल अल्काट
के स्थान पर ऐनीबेसेंट थियोसोफिकल सोसायटी की अध्यक्षा नियक्त हुई।
मदन लाल धींगरा द्वारा लंदन में 1 जुलाई, 1909 को कर्नल वायली की गोली मार हत्या कर दिये थे। 

Download PDF

 

13. लॉर्ड  हार्डिग-।।

1910-1916

इनके समय के महत्वपूर्ण कार्य ब्रिटेन के राजा जार्ज-V का भारत आगमन (12 दिसम्बर, 1911) दिल्ली में एक भव्य दरबार का आयोजन, बंगाल विभाजन रद्द करने की घोषणा (1911) एवं भारत की राजधानी कलकत्ता-दिल्ली स्थानान्तरित करने की
घोषणा (1911) में हुई थी।
लॉर्ड हार्डिंग की बग्घी पर 1912 में क्रांतिकारी रास बिहारी बोस द्वारा बम फेंका गया था पर वे बच निकले।
1913 को रवीन्द्रनाथ टैगोर को गीतांजली हेतु साहित्य का नोबेल पुरस्कार व फीरोजशाह में हता ने बंबई क्रांनिकल एवं गणेश शंकर विद्यार्थी द्वारा कानुपर से प्रताप का प्रकाशन हुआ।
4 अगस्त, 1914 को हार्डिंग के काल मे ही प्रथम विश्व युद्ध प्रारम्भ हुआ।
महात्मा गांधी की दक्षिण अफ्रीका से भारत वापसी 1915 में हुई।
1915 में फिरोजशाह मेहता व गोपाल कृष्ण गोखले का निधन हुआ।
1916 में लॉर्ड हार्डिंग को बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय(संस्थापक: मदन मोहन मालवीय) का कुलपति नियुक्त किया
गया।
1916 को बालगंगाधर तिलक व एनी बेसेंट द्वारा होमरूल लीग का गठन किया गया।

14. लॉर्ड चेम्सफोर्ड

1916-1921

इनके समय में 1919 का रौलेट एक्ट स्वीकृत हुआ, प्रसिद्ध जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड चेम्सफोर्ड के समय में ही 13
अप्रैल, 1919 में हुआ था।
इनके समय में ही भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मांटेग्यू-चेम्सफोर्ट सुधार) लाया गया।
1916 में पूना में धोधो केशव कर्वे द्वारा प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना व 1917 में शिक्षा पर सैडलर  आयोग की नियुक्ति हुई। जिसका उद्देश्य कलकत्ता विश्वविद्यालय का जांच करना था।
खेड़ा व चंपारण सत्याग्रह (1917-18) प्रारंभ हुआ।
खिलाफत आन्दोलन (1920-21) एवं महात्मा गांधी के सत्याग्रह असहयोग आन्दोलन (1920) की शुरूआत, तृतीय अफगान युद्ध
महत्वपूर्ण घटनाएँ इन्हीं के समय में हुई थी।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना 1920 में सर सैय्यद अहमद खां द्वारा किया गया था। प्रथम भारतीय व्यक्ति सत्येन्द्र सिंहा को बिहार का गर्वनर नियुक्त किया गया।

15. लॉर्ड रीडिंग

1921-1926

महात्मा गांधी द्वारा प्रथम असहयोग आन्दोलन व चौरी-चौरा घटना (5 फरवरी, 1922) के कारण लॉर्ड रीडिंग के समय में ही समाप्त हुआ।
इनके समय में प्रिंस ऑफ वेल्स ने नवम्बर, 1921 को भारत की यात्रा किये।
1921 में भारत के दक्षिण-पश्चिमी समुद्र तट पर मोपला विद्रोह हुआ।
रीडिंग के समय में 1922 में विश्वभारती विश्वविद्यालय ने कार्य करना आरम्भ किया तथा दिल्ली व नागपुर विश्वविद्यालय इसी
काल में प्रारम्भ हुए।
इनके समय में ही मानवेन्द्र नाथ राय द्वारा 1921 को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का गठन ताशकंद में हआ था।
प्रथम बार उच्च पदों पर बहाली के लिए भारतीयों व यूरोपियनों को बराबरी का दर्जा दिया गया। 1923 ई से प्रशासनिक सेवाओं में उम्मीदवारों के चयन के लिए दिल्लीलंदन में एक साथ प्रतियोगिता परीक्षा के आयोजन की व्यवस्था की गई। स्वराज पार्टी की स्थापना 1925 को मोतीलाल नेहरूसी.आर. दास द्वारा हुआ।
काकोरी रेल काण्ड (1925) इन्ही के काल की घटना है।
दिसंबर 1926 में आर्यसमाजी नेता स्वामी श्रद्धानंद की हत्या हुई। कानपुर में अखिल भारतीय साम्यवादी दल का गठन। दिल्ली
नागपुर में विश्वविद्यालयों की स्थापना हुई।

16. लॉर्ड इरविन

1926-1931

इनके समय में 1928 में ‘साइमन कमीशन भारत आया 1928 में कांग्रेस का लखनऊ सम्मेलन हुआ। मोतीलाल नेहरू द्वारा नेहरू
रिपोर्ट प्रस्तुत।
1929 में मुहम्मद अली जिन्ना ने नेहरू रिपोर्ट के प्रति उत्तर में 14 सूत्रीय मांग प्रस्तुत किये।
इरविन की दीवाली घोषणा (1929)
सैंडर्स की हत्या (1929)। देशी रियासतों के संबंध में हार्टोग बटलर समिति की नियुक्ति (1927)
1929 को इंपीरियल कौंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च (ICAR) की स्थापना।
1929 में प्रसिद्ध लाहौर षड्यन्त्र एवं जतिन दास की 64 दिन की भूख हड़ताल के बाद जेल में मृत्यु (1929) हुई।
कांग्रेस ने लाहौर अधिवेशन (1929) में पूर्ण स्वराज की मांग की गयी। 

6 अप्रैल, 1930 में सविनय अवज्ञा आन्दोलन (दांडी मार्च के बाद) महात्मा गांधी द्वारा प्रारम्भ किया गया।
इनके समय में ही नवम्बर, 1930 में लन्दन में प्रथम गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। 5 मार्च 1930 का गाँधी-इरविन समझौते पर हस्ताक्षर किये गये और साथ ही सविनय अवज्ञा आन्दोलन को वापस लिया गया।

17. लॉर्ड विलिंगटन

1931-1936

इनके समय में 1 सितंबर-1 दिसम्बर, 1931 तक द्वितीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन लंदन में हुआ। इस सम्मेलन में महात्मा गांधी ने कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया।
महात्मा गांधी व अम्बेडकर के बीच 25 सितम्बर, 1932 को पूना समझौता हुआ।
अगस्त, 1932 में रैम्जे मैकडोनाल्ड ने प्रसिद्ध ‘साम्प्रदायिक पंचाट की घोषणा की तथा दिसम्बर 1932 में ही तृतीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन लन्दन में हुआ। 1932 को इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) देहरादून में स्थापित हुई।
महात्मा गांधी द्वारा सविनय अवज्ञा आंदोलन पुन: 1932 में प्रारंभ। 1933 को कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के छात्र रहमत अली द्वारा सर्वप्रथम पाकिस्तान (PAKISTAN) शब्द का प्रयोग किया गया।
21 जनवरी, 1936 को जार्ज-V का निधन व एडवर्ड-VIII का राज्यारोहण हुआ।

18. लॉर्ड लिनलिथगो

1936-1944

इनके समय में प्रथम आम चुनाव (1936-37) कराया गया। चुनाव के परिणाम राष्ट्रीय कांग्रेस के पक्ष में रहें। 6 राज्यों में पूर्ण बहुमत। 1937 में प्रथम बार एक गांव फैजपुर (पश्चिम बंगाल) में कांग्रेस
का अधिवेशन के अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू थे।
इंडियन ट्रेड यूनियन फेडरेशन की स्थापना 1938 को हुई।
1938 को विनायक दामोदर सावरकर हिंदू महासभा के अध्यक्ष नियुक्त हुए।
अप्रैल, 1939 में सुभाष चन्द्र बोस ने फॉरवर्ड ब्लॉक नामक एक नई पार्टी का गठन किया।
3 सितंबर, 1939 को द्वितीय विश्वयुद्ध प्रारंभ।
22 दिसंबर, 1939 को मुस्लिम लीग द्वारा मुक्ति दिवस मनाया गया।
लिनलिथगों के समय में ही प्रथम बार 1940 में पाकिस्तान की मांग की गयी।
मई 1940 में विंस्टन चर्चिल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने।
8 अगस्त, 1940 को प्रसिद्ध ‘अगस्त प्रस्ताव अंग्रेजों द्वारा लाया गया। 17 अक्टूबर, 1940 को महात्मा गांधी द्वारा पवनार आश्रम
से व्यक्तिगत सत्याग्रह प्रारंभ।
1942 में क्रिप्स मिशन भारत आया था 1942 में ही कांग्रेस ने भारत छोड़ो आन्दोलन प्रारम्भ किया। 1943 को सिंगापुर में आजाद हिंद फौज का गठन।

19. लॉर्ड वेवेल

1944-1947

वेवेल के समय में 1945 में शिमला समझौता हुआ।
मुस्लिम लीग के करांची (मार्च 1946) अधिवेशन में विभाजन करो व जाओ का प्रसिद्ध नारा दिया।
कैबिनेट मिशन 16 अगस्त, 1946 को प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस (DAD) का आयोजन हुआ।

1946 में भारत आया था तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली ने भारत को जून, 1948 के प्रथम स्वतंत्र करने की घोषणा
की।
2 सितंबर, 1946 को पंडित नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन।

20. लॉर्ड माउंटबेटन

1947-1948

भारत-पाकिस्तान विभाजन हेतु रेडक्लिफ आयोग का गठन। 14 अगस्त, 1946 को पाकिस्तान अलग।
भारत का अन्तिम वायसराय व स्वतन्त्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल जिसने 3 जून 1947 को यह घोषणा की कि भारत व पाकिस्तान के रूप में भारत का विभाजन ही समस्या का हल है।
भारतीय स्वतंत्रता विधेयक ब्रिटिश संसद में जुलाई, 1947 में प्रधानमंत्री एटली द्वारा प्रस्तुत किया गया। विधेयक के अनुसार
भारत व पाकिस्तान 2 स्वतंत्र राष्ट्रों का निर्माण हआ।
15 अगस्त, 1947  भारत की स्वतंत्रता।

21. चक्रवर्ती राजगोपालाचारी

1948-1950

लॉर्ड माउण्टबेटन की वापसी के बाद 21 जून, 1948 को चक्रवर्ती राजगोपालाचारी स्वतंत्र भारत के प्रथम भारतीय व अन्तिम गवर्नर जनरल थे। इनके बाद भारत के संविधान
के अनुसार शासक प्रमुख राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री नियुक्त होने लगे।
26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा ने संविधान अंगीकृत किया तथा 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ। 

Download


प्रमुख
जनजातीय विद्रोह

द्वितीय विश्व युद्ध क्यों हुआ था, इसके कारण व परिणामप्र

थम विश्व युद्ध के कारण,परिणाम,युद्ध का प्रभाव,प्रथम विश्व युद्ध और भारत

पुनर्जागरण का अर्थ और पुनर्जागरण के कारण

1917 की रूसी क्रांति

अमेरिकी क्रांति के कारण

पुनर्जागरण काल प्रश्नोत्तरी

दोस्तों Currentshub.com के माध्यम से आप सभी प्रतियोगी छात्र नित्य दिन Current Affairs Magazine, GK/GS Study Material और नए Sarkari Naukri की Syllabus की जानकारी आप इस Website से प्राप्त कर सकते है. आप सभी छात्रों से हमारी गुजारिश है की आप Daily Visit करे ताकि आप अपने आगामी Sarkari Exam की तैयारी और सरल तरीके से कर सके.

दोस्तों अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल है या ebook की आपको आवश्यकता है तो आप निचे comment कर सकते है. आपको किसी परीक्षा की जानकारी चाहिए या किसी भी प्रकार का हेल्प चाहिए तो आप comment कर सकते है. हमारा post अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ share करे और उनकी सहायता करे.

You May Also Like This

अगर आप इसको शेयर करना चाहते हैं |आप इसे Facebook, WhatsApp पर शेयर कर सकते हैं | दोस्तों आपको हम 100 % सिलेक्शन की जानकारी प्रतिदिन देते रहेंगे | और नौकरी से जुड़ी विभिन्न परीक्षाओं की नोट्स प्रोवाइड कराते रहेंगे |

Disclaimer: currentshub.com केवल शिक्षा के उद्देश्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए बनाई गयी है ,तथा इस पर Books/Notes/PDF/and All Material का मालिक नही है, न ही बनाया न ही स्कैन किया है |हम सिर्फ Internet पर पहले से उपलब्ध Link और Material provide करते है| यदि किसी भी तरह यह कानून का उल्लंघन करता है या कोई समस्या है तो Please हमे Mail करे- currentshub@gmail.com

About the author

shubham yadav

आपकी तरह मै भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता हूँ। इस वेबसाइट के माध्यम से हम एसएससी , आईएएस , रेलवे , यूपीएससी इत्यादि परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की मदद कर रहे हैं और उनको फ्री अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं | इस वेब साईट में हम इन्टरनेट पर ही उपलब्ध शिक्षा सामग्री को रोचक रूप में प्रकट करने की कोशिश कर रहे हैं | हमारा लक्ष्य उन छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की सभी किताबें उपलब्ध कराना है जो पैसे ना होने की वजह से इन पुस्तकों को खरीद नहीं पाते हैं और इस वजह से वे परीक्षा में असफल हो जाते हैं और अपने सपनों को पूरे नही कर पाते है, हम चाहते है कि वे सभी छात्र हमारे माध्यम से अपने सपनों को पूरा कर सकें। धन्यवाद..
Credits-Pradeep Patel CEO of www.sarkaribook.com

Leave a Comment