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रेखित,अरेखित तथा हृद पेशियों में अंतर | जन्तु ऊतक | जन्तु ऊतक के प्रकार

रेखित,अरेखित तथा हृद पेशियों में अंतर | difference between striated,unstriated and cardiac muscles :- आज Currentshub.Com आपके जीव विज्ञान के अंतर्गत आने वाले वाला एक महत्वपूर्ण टॉपिक ‘रेखित,अरेखित तथा हृद पेशियों में अंतर | difference between striated,unstriated and cardiac muscles, लेकर आए हुए हैं। यहाँ हम जानेंगे की अनैच्छिक पेशी,ऐच्छिक पेशी,हृद पेशी का चित्र,हृदय पेशी के कार्य,पेशी तंत्र इन हिंदी,रेखित पेशी के बारे में,पेशीय ऊतक कितने प्रकार के होते है,रेखित तथा अरेखित पेशी में अंतर,रेखित अरेखित तथा हृद पेशी में अंतर,पेशियों के प्रकार,types of muscles,ऐच्छिक तथा अनैच्छिक पेशीयों में अंतर,ऐच्छिक पेशी in english,अनैच्छिक पेशी in english, इत्यादि के बारे में विस्तार से|

जन्तु ऊतक (Animal or Epilhelical Tissue)

जन्तु ऊतको को 04 प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया जाता है।

जन्तु ऊतक के प्रकार

जन्तु ऊतक के प्रकार

(i). एपिथीलियमी या उपकलाऊतक (Epithelial Tissue)

  • शरीर की बाहरी व भीतरी सतहों अंतरंगो की बाहरी और भीतरी सतहों पर रक्षात्मक (संरक्षी) परतों से ढके रहते है।
  • ये कोशिकाओं की पतली संरक्षी परतों के रूप मे पायी जाती है।
  • सामान्यतः ये ऊतक शरीर को बाहरी सतह पर, अतिरिक्त अंगो की सतह पर और शरीर को गुहाओं के स्तर के रूप मे पाये जाते है।
  • भ्रूण मे एक्टोडर्मएन्डोडर्म परतों के मध्य मे कोशिकाओं की एक तीसरी परत होती है। जिसे मीसोडर्म कहते है। इन परतो से बनने वाले ऊतको को मीसेनकाइमा कहते है। मीसेनकाइमा नाम सर्वप्रथम सन् 1883 ई मे वैज्ञानिक हर्टविग ने दिया था।
  • भ्रूणीय परिवर्धन के समय मीसोर्ड के कुछ भाग सघन होकर पेशीय ऊतक व शेष भाग ढीले होकर संयोजी संवहनीय ऊजक बनाते है।
  • भ्रूणीय परिवर्धन के समय मीसोडर्म के कुछ भाग सघन होकर पेशीय ऊतक व शेष भाग ढीले होकर संयोजी व संवहनीय ऊतक बनाते है।
  • पेशीय ऊतको के अतिरिक्त अन्य सभी मीसोडर्मी ऊतक संयोजी ऊतको की श्रेणी में आते है।

(ii). पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)

  • पेशीय ऊतक लम्बी संकीर्ण कोशिकाओं से बनते है। जिसे पेशीय तंतु कहते है, पेशी तंतु पेशी कोशिकाएँ होती है।
  • पेशिय शरीर के अंगो मे गति व जीवधारीयों को गतिशील बनाती है। शरीर की मांसपेशियो का निमार्ण पेशीय उतकों के द्वारा होता है।
  • पेशी कोशिकाए लम्बी व संकरी होती है। इसलिए इन्हे पेशी तन्तु कहते है।
  • आकुंचनशीलता (Contractility) पेशी कोशिकाओं का मुख्य लक्षण है।

पेशीय ऊतक के 03 प्रकार

  1. रेखित पेशियाँ ( Striated or Striped Muscles)
  2. अरेखित पेशियाँ (Unstriped or Involuntary Muscles) 
  3. हृदय पेशियाँ (Cardiac musles) नीचे बाक्स देखे!

(iii). संयोजी ऊतक (Connective Tissue)

  • संयोजी ऊतक अंगो को जोड़ने के कार्य करता है।
  • मुख्यतः संयोजी ऊतक मे अधात्री (Matrix = मैटिक्स) योजी ऊतक कोशिकाए व संयोजी ऊतक तन्तु होते है। एक निर्जीव माध्यम में बिखरी ऊतक की कोशिकाओं को अधात्री (Matrix) कहते है।
  • चोट से नष्ट होने वाले ऊतको की स्थान पूर्ति का कार्य संयोजी ऊतक करते है। इसके अतिरिक्त शरीर मे प्रवेश करने वाले रोगाणुओं को भी रोकने का कार्य करते है।
  • संयोजी ऊतक वसा के भण्डार में सहायक होते हैं ये वृक्क अण्डाकार एव नेत्रगोलक के चारो व धक्का रोधी कुशन (गद्दी) बनाते है।
    ये ऊतक विभिन्न संरचनाओं को एक दूसरे से जोड़ते है। कंडराए आस्थि को पेशी से जोडती है। स्नायु आस्थि से जुडे होते है। रक्त भी एक संयोजी ऊतक है।

(iv). तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)

तंत्रिका ऊतक तत्रं कोशिकाओं या न्यूरान से बनी होती है।

रेखित,अरेखित तथा हृद पेशियों में अंतर | difference between striated,unstriated and cardiac muscles

क्र०सं० रेखित पेशियां (striated muscles) अरेखित पेशियां (Unstriated muscles) हृदयी पेशियां (Cardiac muscles)
1 अस्थियों के साथ जुड़ी रहती हैं और शरीर की पेशियों का अधिकांश भाग बनाती है। अंतरांगो की दीवार में मिलता है। हृदय की दीवार में पाई जाती है।
2 पेशी कोशिकाएँ लम्बी व बेलनाकार होती है। इनका व्यास लम्बाई में समान रहता है। ये शाखित नहीं होती। पेशी कोशिकाएँ तर्कुरुपी होती है। कभी-कभी इनके सिरे द्विशाखित भी होते है। पेशी कोशिकाएँ या पेशी तन्तु शाखान्वित होते है और परस्पर जाल सा बनाते है
3 पेशी तन्तु 2-4 सेमी लम्बा तथा 10-304 मोटा होता है। पेशी तन्तु 1/20 मिमी लम्बा व 1/60 मिमी मोटा होता है।  पेशी तन्तु 50-100µ लम्बे तथा 20µ मोटे होते है।
4 पेशी तन्तु बहुकेन्द्रीय होते है। पेशी तन्तु(पेशी कोशिकाएँ) एककेन्द्रीय होते है और केन्द्रक कोशिका के बीचों-बीच चौड़ेभाग में स्थित हाकता है। पेशी तन्तु एककेन्द्रीय होते है और केन्द्रक कोशिका के लगभग मध्य में इन्टरकेलेटेड डिस्क के बीच में होते है।
5 सार्कोलमा पेशी तन्तुओं या मायोफाइब्रिल्स केक बीच भरा रहता है।  केन्द्रक के चारो ओर का सार्कोप्लाज्म बहुत पतला होता है।  सोर्कोप्लाज्म होता है।
6 सार्कोलेमा स्पष्ट तथा अपेक्षाकृत मोटा तथा पेशी तन्तु के पूरी लम्बाई में फैलें रहते है। सार्कोलेमा बहुत पतला होता है। सार्कोलेमा स्पष्ट नहीं होता।
7 मायोफाइब्रिल्स अपेक्षाकृत मोटे तथा पेशी तन्तु की पूरी लम्बाई में फैले रहते है। मायोफाइब्रिल्स बहुत छोटे व पतला होते है। मायोफाइब्रिल्स रेखित पेशी के मायोफाइब्रिल्स के समान होता है।
8 इसमें संकुचन धीरे-धीरे किन्तु देर तक होता है। इसमें संकुचन धीरे-धीरे होता है। संकुचन व शिथिल-क्रमिक होता है और जीवनपर्यन्त होता रहता है।
9 इनका संकुचन इच्छा के आधीन होता है। इनका संकुचन इच्छा के अधीन नहीं होता है। इनका संकुचन इच्छा के आधीन नहीं होता।
10 ये केन्द्रीय तन्त्रिका तन्त्र की केनियल तथा ज्ञपाइनल तन्त्रिकाओं द्वारा सम्भरणित होती है। ये पेशियाँ स्वायन्त तन्त्रिका तन्त्रं की तन्त्रिकाओं से सम्भरणित होती है। सिम्पैथेटिक तथा पैरासिम्पैथेटिक तन्त्रिका तन्त्र से सम्बन्धित होती है।

ऐच्छिक तथा अनैच्छिक पेशियों में अंतर

क्र०सं० ऐच्छिक पेशियां अनैच्छिक पेशियां
1 इन पेशियों में अनेक केंद्रक पाए जाते हैं। इन पेशियों में केवल एक केंद्रक पाया जाता है।
2 यह थकान महसूस करती हैं । यह थकान महसूस नहीं करती हैं।
3 इसमें धारियां पाई जाती हैं। धारियां नहीं पाई जाती हैं।
4 यह पेशियां लंबी व बेलना कार होती हैं। यह पेशियां लंबी व तर्कवाकार होती हैं।
5 यह पेशियां शाखान्वित नही होती है। पेशियां शाखान्वित होती है।

तो दोस्तों, शायद अब आपकोअनैच्छिक पेशी,ऐच्छिक पेशी,हृद पेशी का चित्र,हृदय पेशी के कार्य,पेशी तंत्र इन हिंदी,रेखित पेशी के बारे में,पेशीय ऊतक कितने प्रकार के होते है,रेखित तथा अरेखित पेशी में अंतर,रेखित अरेखित तथा हृद पेशी में अंतर,पेशियों के प्रकार,types of muscles,ऐच्छिक तथा अनैच्छिक पेशीयों में अंतर,ऐच्छिक पेशी in english,अनैच्छिक पेशी in english, का कांसेप्ट अच्छे से समझ आ गया होगा, यदि कोई डाउट हो तो आप कमेंट या मेल के माध्यम से अपना डाउट क्लियर कर सकते हैं|

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shubham yadav

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